लाल किताब के अचूक टोटके Lal Kitab Ke Totke

1. आकस्मिक मृत्यु के बचाव के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। जप रुद्राक्ष माला से पूर्वी मुख होकर करें।
2. वाहन चलाते समय मादक वस्तुओं का सेवन न करें तथा अभक्ष्य वस्तुओं का सेवन न करें अन्यथा पिशाची बाधा हावी होगी वैदिक गायत्री मंत्र कैसेट चालू रखें।
3. गोचर कनिष्ठ ग्रहों की दशा में वाहन तेजी से न चलायें।

अकस्मात मृत्यु से बचाव हेतु उपाय:
सर्व प्रथम जातक की कुण्डली का सूक्ष्म अवलोकन करने के पश्चात निर्णय लें कि किस ग्रह के कारण अकस्मात मृत्यु का योग निर्मित हो रहा है।

उस ग्रह का पूर्ण विधि-विधान से जप, अनुष्ठान, यज्ञ, दानादि करके इस योग से बचा जा सकता है।

बृहत पराशर होरा शास्त्रम् के अनुसार: ‘‘सूर्यादि ग्रहों के अधीन ही इस संसार के प्राणियों का समस्त सुख व दुःख है। इसलिए शांति, लक्ष्मी, शोभा, वृष्टि, आयु, पुष्टि आदि शुभफलों की कामना हेतु सदैव नव ग्रहों का यज्ञादि करना चाहिए।’’

कई बार अनजाने में कई प्रकार कि गलतिया कर बैठते है जिसका परिणाम ठीक नहीं होता है कृपया इन बातों का ध्यान दीजिये —
1. किसी निर्जन एकांत या जंगल आदि में मलमूत्र त्याग करने से पूर्व उस स्थान को भलीभांति देख लेना चाहिए कि वहां कोई ऐसा वृक्ष तो नहीं है जिस पर प्रेत आदि निवास करते हैं अथवा उस स्थान पर कोई मजार या कब्रिस्तान तो नहीं है।
2. किसी नदी तालाब कुआं या जलीय स्थान में थूकना या मल-मूत्र त्याग करना किसी अपराध से कम नहीं है क्योंकि जल ही जीवन है। जल को प्रदूषित करने स जल के देवता वरुण रूष्ट हो सकते हैं।
3. घर के आसपास पीपल का वृक्ष नहीं होना चाहिए क्योंकि पीपल पर प्रेतों का वास होता है।
4. सूर्य की ओर मुख करके मल-मूत्र का त्याग नहीं करना चाहिए।
5. गूलर , शीशम, मेहंदी, बबूल , कीकर आदि के वृक्षों पर भी प्रेतों का वास होता है। रात के अंधेरे में इन वृक्षों के नीचे नहीं जाना चाहिए और न ही खुशबुदार पौधों के पास जाना चाहिए।
6. महिलाये माहवारी के दिनों में चौराहे के वीच रस्ते में न जाये उन्हें अपने से दाहिने रखे
7. कहीं भी झरना, तालाब, नदी अथवा तीर्थों में पूर्णतया निर्वस्त्र होकर या नग्न होकर नहीं नहाना चाहिए।
8. हाथ से छूटा हुआ या जमीन पर गिरा हुआ भोजन या खाने की कोई भी वस्तु स्वयं ग्रहण न करें।
9. अग्नि व जल का अपमान न करें। अग्नि को लांघें नहीं व जल को दूषित न करें।

उपाय :-
1 :- जब भी घर से बहार निकले इनके नमो का सुमिरन कर के घर से निकले।
अश्व्त्थामा बलिर्व्यासो हनुमान्श्च विभीषणः कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविनः l
सप्तैतान्सस्मरे नित्यं मार्कण्डेययथाष्टकं जीवेद् वर्षशतं साग्रमं अप मृत्युविनिष्यति ll
ये सात नाम है जो अजर अमर है और आज भी पृथ्वी पर विराजमान है

2 . अकाल मृत्यु निवारण के लिये
“नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट।
लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहि बाट।।”
3 . राहु काल के समय यात्रा पर न जाये
4 . दिशाशूल के दिन यात्रा न करे
5 – शराब पीकर या तामसिक भोजन कर के धर्म क्षेत्र में न जाये

 

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